आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर । दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते ॥
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें! राकेश धाकरे
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें